. Bhai Nand Lal - Tankahnama Verse
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Bhai Nand Lal - Tankahnama Verse

ਦੋਹਰਾ

Dohira

दोहरा


ਜੋ ਪ੍ਰ੍ਰਸਾਦਿ ਕੋ ਬਾਂਟ ਹੈ ਮਨ ਮੇਂ ਧਾਰੇ ਲੋਭ

One who distributes graced-pudding with avarice in his heart.

जो प्र्रसादि को बांट है मन में धारे लोभ


ਕਸਿੇ ਥੋੜਾ ਕਸਿੇ ਅਗਲਾ ਸਦਾ ਰਹੇ ਤਸਿ ਸੋਗ ॥ (੯)

More to some and scanty to others, he, for ever, remains in affliction.(9)

कसिे थोड़ा कसिे अगला सदा रहे तसि सोग ॥ (९)