. Sri Dasam Granth Sahib Verse
SearchGurbani.com

Sri Dasam Granth Sahib Verse

ਜਬ ਲੌ ਤਾਹਿ ਤ੍ਰਿਯਹਿ ਸੁਧਿ ਆਈ ॥

जब लौ ताहि त्रियहि सुधि आई ॥


ਤਬ ਲੌ ਗਯੋ ਵਹ ਪੁਰਖ ਲੁਕਾਈ ॥

By the time the woman regained consciousness he had gone on his away.

तब लौ गयो वह पुरख लुकाई ॥


ਤਾ ਤੇ ਤ੍ਰਸਤ ਨ ਤਹ ਪੁਨਿ ਗਈ ॥

ता ते त्रसत न तह पुनि गई ॥


ਚੋਰੀ ਕਰਤ ਹੁਤੀ ਤਜਿ ਦਈ ॥੬॥

Dreaded by him she never came there again and abandoned stealing.(6)(1)

चोरी करत हुती तजि दई ॥६॥