. Sri Dasam Granth Sahib Verse
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Sri Dasam Granth Sahib Verse

ਕਾਮਾਤੁਰ ਹ੍ਵੈ ਜੋ ਤਰੁਨਿ ਮੁਹਿ ਭਜਿ ਕਹੈ ਬਨਾਇ ॥

कामातुर ह्वै जो तरुनि मुहि भजि कहै बनाइ ॥


ਤਾਹਿ ਭਜੈ ਜੋ ਨਾਹਿ ਜਨ ਨਰਕ ਪਰੈ ਪੁਨਿ ਜਾਇ ॥੨੨॥

ताहि भजै जो नाहि जन नरक परै पुनि जाइ ॥२२॥