. Sri Dasam Granth Sahib Verse
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Sri Dasam Granth Sahib Verse

ਮੁਰਜ ਨਾਥ ਜੋਗੀ ਹੁਤੋ ਸੋ ਆਯੋ ਇਹ ਧਾਮ ॥

‘Murj Nath Jogi had come to our house,

मुरज नाथ जोगी हुतो सो आयो इह धाम ॥


ਦ੍ਰਿਸਟਿ ਭੋਗ ਮੋ ਸੌ ਕਿਯੌ ਸੁਤ ਦੀਨੋ ਗ੍ਰਿਹ ਰਾਮ ॥੬॥

‘He made love with me through vision and gave me this child.(6)

द्रिसटि भोग मो सौ कियौ सुत दीनो ग्रिह राम ॥६॥