. Sri Guru Granth Sahib Verse
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Sri Guru Granth Sahib Verse

ਸਭੁ ਤੂੰਹੈ ਕਰਤਾ ਸਭ ਤੇਰੀ ਵਡਿਆਈ ਜਿਉ ਭਾਵੈ ਤਿਵੈ ਚਲਾਇ ਜੀਉ ॥

You are the Creator of all, and all greatness is Yours. As it pleases Your Will, so do we act.

सभु तूंहै करता सभ तेरी वडिआई जिउ भावै तिवै चलाइ जीउ ॥


ਤੁਧੁ ਆਪੇ ਭਾਵੈ ਤਿਵੈ ਚਲਾਵਹਿ ਸਭ ਤੇਰੈ ਸਬਦਿ ਸਮਾਇ ਜੀਉ ॥

As it pleases Your Will, so do we act. All are merged into Your Shabad.

तुधु आपे भावै तिवै चलावहि सभ तेरै सबदि समाइ जीउ ॥


ਸਭ ਸਬਦਿ ਸਮਾਵੈ ਜਾਂ ਤੁਧੁ ਭਾਵੈ ਤੇਰੈ ਸਬਦਿ ਵਡਿਆਈ ॥

When it pleases Your Will, we obtain greatness through Your Shabad.

सभ सबदि समावै जां तुधु भावै तेरै सबदि वडिआई ॥


ਗੁਰਮੁਖਿ ਬੁਧਿ ਪਾਈਐ ਆਪੁ ਗਵਾਈਐ ਸਬਦੇ ਰਹਿਆ ਸਮਾਈ ॥

The Gurmukh obtains wisdom, and eliminates his self-conceit, and remains absorbed in the Shabad.

गुरमुखि बुधि पाईऐ आपु गवाईऐ सबदे रहिआ समाई ॥


ਤੇਰਾ ਸਬਦੁ ਅਗੋਚਰੁ ਗੁਰਮੁਖਿ ਪਾਈਐ ਨਾਨਕ ਨਾਮਿ ਸਮਾਇ ਜੀਉ ॥

The Gurmukh obtains Your incomprehensible Shabad; O Nanak, he remains merged in the Naam.

तेरा सबदु अगोचरु गुरमुखि पाईऐ नानक नामि समाइ जीउ ॥


ਸਭੁ ਤੂੰਹੈ ਕਰਤਾ ਸਭ ਤੇਰੀ ਵਡਿਆਈ ਜਿਉ ਭਾਵੈ ਤਿਵੈ ਚਲਾਇ ਜੀਉ ॥੪॥੭॥੧੪॥

You are the Creator of all, and all greatness is Yours. As it pleases Your Will, so do we act. ||4||7||14||

सभु तूंहै करता सभ तेरी वडिआई जिउ भावै तिवै चलाइ जीउ ॥४॥७॥१४॥